फीफा विश्व कप 2026: ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास
आलीशान दफ्तर से संचालित हो रहा था अवैध कारोबार
कोलकाता। टी20 विश्वकप के रोमांच के बीच महानगर में सट्टेबाजी का काला कारोबार भी अपने चरम पर पहुंच गया है। रविवार को कोलकाता पुलिस की एक विशेष टीम ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर इंडियन एक्सचेंज प्लेस स्थित एक व्यापारिक इमारत में छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मौके से एक मुख्य बुकी को गिरफ्तार किया है, जो डिजिटल एप्लिकेशन्स के जरिए विश्वकप मैचों पर करोड़ों का दांव लगवा रहा था। यह कार्रवाई इंडियन एक्सचेंज प्लेस स्थित इमारत की दूसरी मंजिल पर बने एक कार्यालय में की गई, जिसे सट्टेबाजी के 'कंट्रोल रूम' के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी की पहचान 32 वर्षीय प्रतीक पिंचा के रूप में हुई है।
आरोपी हावड़ा के शिवपुर स्थित गंगेस गार्डन का निवासी है और लंबे समय से क्रिकेट सट्टेबाजी के सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया है कि प्रतीक स्काईफेयर और स्काईएक्सचेंज जैसे प्रतिबंधित बेटिंग एप्लिकेशन्स के जरिए सट्टेबाजी का अवैध धंधा चला रहा था। विश्वकप के दौरान सट्टेबाजों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए कॉरपोरेट दफ्तरों को अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन और सट्टेबाजी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में हेयर स्ट्रीट थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा और पश्चिम बंगाल जुआ एवं सार्वजनिक जुआ निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के तार किन बड़े सट्टेबाजों और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े हैं। टी20 विश्वकप के दौरान महानगर में सक्रिय अन्य संभावित ठिकानों पर भी पुलिस की पैनी नजर है। अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद कोलकाता में सक्रिय सट्टेबाजी के कई और बड़े केंद्रों का खुलासा हो सकता है।
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